Gupta dynasty | गुप्त वंश | Gupta vansh | Gupta samrajy | गुप्त साम्राज्य | history of Gupta empire

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1) गुप्तवंश
1.4) ✏ समुद्रगुप्त संगीत प्रेमी था और इसने अपने सिक्को पर विणा बजाती हुई देवी की मूर्ति अंकित की थी। ✏ महापराक्रमी होने के कारन इसे भारत देश का नेपोलियन कहा जाता था। ✏ हरिषेण जिन्होंने प्रयाज प्रशस्ति के लेखक जो इन्ही के मंत्री एवं दरवारी कवि थे। ✏ काव्यालंकार सूत्र में समुद्रगुप्त का नाम चंद्रप्रकाश मिलता है। ✏ इसका राज्य विस्तार उतर में हिमालय से लेकर दक्षिण में विन्धय पर्वत तक की खाड़ी पूर्वी मालवा तक विस्तृत था। ✏ समुद्रगुप्त के काल में राजनितिक विकेन्द्रीकरण तथा विदेशी शक्तियो के आधिपत्य के बाद आर्य पुनः नैतिक बौद्धिक तथा भौतिक उनंति छोटी पर जा चूका था। ✏ इसके बाद चन्द्रगुप्त द्वितीय अगला शासक बना ।

गुप्तवंश

📌 गुप्त साम्राज्य का उदय :-

गुप्त उदय तीसरी शताब्दी के अंत में प्रयाग के निकट कौशाम्बी में हुआ था। जो की सबसे प्राचीनतम राजा श्रीगुप्त है जिनको एक ताम्रपट के अनुसार आदिराज कहकर के सम्बोधित किया जाता था। पुराणों के अनुसार आरम्भिक गुप्त राजाओ का साम्राज्य गंगा के द्रोणियो में फैला था।

📌 श्री गुप्त :-

✏ श्री गुप्त ने भारत के 6 महाजनपदों को जीता था इसके बाद घटोत्कच और फिर चन्द्रगुप्त प्रथम  अगलाशासक बना ।
✏ इसके कल में चीनी यात्री इत्सिंग आया था।

📌 चन्द्रगुप्त प्रथम (320ई-335 ई० ) :-

✏ चन्द्रगुप्त प्रथम ने लिच्छवी राजकुमारी कुमारदेवी के साथ विवाह किया था। और वैशाली पर राज प्राप्त किया।
✏ इसी ने भारत में ‘गुप्त संवत’ की स्थापना की थी।
✏ चन्द्रगुप्त प्रथम के बाद ‘समुद्र गुप्त’ अगला शासक बना।
✏ इन्होने महाराजा धिराज की उपाधि प्राप्त की थी।

📌 समुद्र गुप्त :-

✏ समुद्रगुप्त संगीत प्रेमी था और इसने अपने सिक्को पर विणा बजाती हुई देवी की मूर्ति अंकित की थी।
✏ महापराक्रमी होने के कारन इसे भारत देश का नेपोलियन कहा जाता था।
हरिषेण जिन्होंने प्रयाज प्रशस्ति के लेखक जो इन्ही के मंत्री एवं दरवारी कवि थे।
काव्यालंकार सूत्र में समुद्रगुप्त का नाम चंद्रप्रकाश मिलता है।
✏ इसका राज्य विस्तार उतर में हिमालय से लेकर दक्षिण में विन्धय पर्वत तक की खाड़ी पूर्वी मालवा तक विस्तृत था।
✏ समुद्रगुप्त के काल में राजनितिक विकेन्द्रीकरण तथा विदेशी शक्तियो के आधिपत्य के बाद आर्य पुनः नैतिक बौद्धिक तथा भौतिक उनंति छोटी पर जा चूका था।
✏ इसके बाद चन्द्रगुप्त द्वितीय अगला शासक बना ।

Gupta dynasty
Gupta dynasty

📌 चन्द्रगुप्त द्वितीय (विक्रमादित्य ) :-

✏भारत के इतिहास में सबसे पहले चांदी के सिक्के इसी ने चलाये थे।
✏ इनके दरवार में नौ रत्न थे :- धन्वंतरि, कालिदास, आर्यभट्ट, वराहमिहिर, ब्रहमगुप्त, सुश्रुत, विष्णुशर्मा, विशाखदत्त, अमर सिह वररुचि, भास्कराचार्य इत्यादि विद्वान इसी के शासनकाल में थे।
✏ आर्यभट्ट खगोलवैज्ञानि और गणितज्ञ थे।
✏ आर्यभट्ट ने ‘सूर्य सिद्धांत’ की रचना की थी ।
✏ ब्रह्मगुप्त ब्रह्मा सिद्धांत का प्रतिपादन किया जो बाद में चलकर न्यूटन ने गुरुत्वाकर्षण के जाता है।
✏ चंद्रगुत द्वितीय के शासनकाल को सवर्ण युग भी कहा जाता है।
✏ शको पर विजय प्राप्त करके गुप्ता साम्राज्य की राजधानी उज्जैन कर लिया था।
फाहियान जो एक चीनी जो भारत को एक समृद्ध और सुखी में किया।
✏इसके कल में कला साहित्य का स्वर्ण युग कहा जाता है।
✏ कालिदास ने ‘मेघदूतम’ और ‘कुमार संभव’ की रचना की थी

። विक्रम सम्वत

58 ई.पू. में प्रारंभ होने वाले विक्रम संवत को परंपरागत रूप से गुप्त सम्राट चंद्रगुप्त द्वितीय के नाम से जोड़ा जाता है और ऐसा कहा जाता ही की उन्होंने शकों पर विजय के उपलक्ष में इस संवत की स्थापना की और वीक्रमादित्य की उपाधि ग्रहण था। आधुनिक इतिहासका रइस परंपरा को स्वीकार करने में कई कठनाइयां महसूस करते रहे है क्यकि यह संवत जो मौलिक रूप से ‘कृत जो की स्थापना किया हुआ से है के नाम से जाना जाता रहा है परम्परागत रूप से मालवों से जुड़ा हुआ था। जो सिकंदर के आकर्मण के समय मालव जन पंजाब में रावी और चिनाव नदियों के संगम से उत्तर की ओर रहा करते थे और बाद में वहां से आकर आज के मध्य प्रदेश राज्य के मालवा क्षेत्र में बस गए थे।

📌 कुमारगुप्त:-

✏ नालंदा यूनिवर्सिटी की स्थापना कुमार गुप्त ने की थी ।
✏ इन्होने महेंद्र कुमार उपाधि की धारण की थी।
✏ इसके बाद स्कन्धगुप्त अगला शासक बना ।

📌स्कन्धगुप्त:-

✏ इसने भारत में सबसे ज्यादा कृतिम झीलों का निर्माण कराया।
✏ इस वंश का आखरी शासक भानुगुप्त था ।

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📌 भारत में वेदो की संख्या कितनी है -:  4

No.वेद
1.ऋग्वेद
2.साम्यवेद
3.यजुर्वेद
4.अथर्ववेद
📌 वेद शब्द का अर्थ –: ‘’ज्ञान’’

📌 ऋग्वेद-

✏ ये सबसे प्राचीनतम वेद है और इसे संस्कृत भाषा का जनक मन जाता है ।
गायत्री मन्त्र की रचना ऋग्वेद से ही की गई है ।
✏ इसमें 10 मंडल व 1028 सूक्त है ।

साम्यवेद-

✏ये गद्य पद्य दोनों में है।
✏इसको भारतीय संगीत का जनक माना जाता है ।

📌यजुर्वेद –

✏ये गद्य पद्य दोनों में है।

✏ इसमें कृष्ण की उपासना का उलेख्य मिलता है ।
✏इसमें बलिदान विधि का भी वर्णन मिलता है।

📌अथर्ववेद –

✏ सबसे आधुनिकतम वेद है और जादू -टोना, टोट का अथर्ववेद से लिया गया है ।
✏ सामान्य मनुष्य के विचारो और अन्धविश्वाश का वर्णन मिलता है।

📌 राजतंगिणी पुस्तक के लेखक -कल्हण है यह पुस्तक कश्मीर के इतिहास से सम्बन्धित है।
📌 चीनी यात्री ह्वेनसांग, हर्षवर्धन के शासन काल में जब की चीनी यात्री फाहियान चन्द्रगुप्त द्वितीय के शासन काल में भारत आया था। ।
📌 भारत का आइंस्टीन –नागार्जुन को बोला जाता है।

Gupta dynasty

Rise of the Gupta Empire: –
The Gupta Rise took place at Kaushambi near Prayag at the end of the third century. The oldest of which is King Srigupta, who was addressed as Adiraj according to a copperplate. According to the Puranas, the kingdom of the early Gupta kings was spread in the basin of the Ganges
📌 Mr. Gupta: –

✏ Sri Gupta had won 6 Mahajanapadas of India, then Ghatotkach and then Chandragupta became the first Agalashak.
✏ The Chinese traveler Itsing came yesterday.

📌 Chandragupta I (320 AD-335 AD): –
✏ Chandragupta, I was married to Licchavi princess Kumaradevi. And gained rule over Vaishali
✏ It was he who established the ‘Gupta Samvat’ in India.
Samudra Gupta became the next ruler after Chandragupta I.
He received the title of Maharaja Dhiraj.
📌 Samudra Gupta: –
✏ Samudragupta was a music lover and had engraved a goddess statue playing the harp on his coin.
Being assertive, it was called Napoleon of India.
✏ Harishen was the author of Prayag Prashasti, who was the minister and court poet of Inhi.
Samudragupta’s name Chandraprakash is found in Kavyalankar Sutra.
Its kingdom extended from the Himalayas in the north to the Vindhya Mountains south to the Gulf of Eastern Malwa.
✏ In the time of Samudragupta, after political decentralization and domination of foreign powers, Arya had again reached a small intellectual, intellectual and material advancement.
✏ After this, Chandragupta II became the next ruler.

Gupta dynasty

📌 Chandragupta II (Vikramaditya): –
He was the first to issue silver coins in the history of India.
There were nine gems in his court: – Dhanvantari, Kalidas, Aryabhatta, Varahmihira, Brahmagupta, Sushruta, Vishnusharma, Visakhadatta, Amar Singh Varruchi, Bhaskaracharya, etc. were scholars during his reign.
Aryabhata was an astronomer and mathematician.

Aryabhata composed ‘Surya Siddhanta.’
✏ Brahmagupta rendered the Brahma principle, which is later carried by Newton to gravity.
The reign of Chandragupta II is also called the Golden Age
Ujjain was the capital of the Gupta Empire by conquering Shako.
✏ Fahian is a Chinese who made India a prosperous and happy one.
It is called the golden age of art and literature.
Kalidasa composed ‘Meghdootam’ and ‘Kumar Sambhav.’

Vikram Samvat

58 BC The Vikrama Samvat, which begins in, is traditionally associated with the name of the Gupta Emperor Chandragupta II. He established this Samvat on the occasion of his victory over the Sakas and took Vikramaditya’s title. The aristocracy of modern history has been experiencing many difficulties in accepting the tradition as this samvat, which is originally known as ‘created from which it was established’ was traditionally associated with the Malvas. At the time of Alexander’s invasion, the Malwa people used to live north of the confluence of the Ravi and Chinav rivers in Punjab and later came from there and settled in the Malwa region of the present-day Madhya Pradesh.

📌 Kumaragupta: –
✏ Kumar Gupta founded Nalanda University
He held the title of Mahendra Kumar.
After this, Skandhagupta became the next ruler.
📌Skandhagupta: –

It created the most artificial lakes in India
The last ruler of this dynasty was Bhanugupta
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What is the number of Vedas in India -: 4

No. Vedas
1. Rig Veda
2. Samyaveda
3. Yajurveda
4. Atharva Veda
The meaning of the word Veda -: “Knowledge.”

Rig Veda-

It is the oldest Veda and is considered to be the father of the Sanskrit language,
The Om Gayatri Mantra is composed of the Rig Veda itself.
It has 10 mandals and 1028 suktas
Samaveda-
✏This prose verse is in both.
It is considered the father of Indian music.
Ayurveda –
✏This prose verse is in both.

✏ It mentions the worship of Krishna.
✏It also describes the method of sacrifice.

Atharva Veda -is the most modern Veda and is taken from the Atharva Veda of magic, sorcery
✏ Describes the thoughts and superstitions of the common man.

The author of the book Rajatangini is Kalhan. This book is related to the history of Kashmir.
📌 The Chinese traveler Hwensang came to India during the reign of Harshavardhana when the Chinese traveler Fahiyan came to India during the reign of Chandragupta II.
Einstein of India – Nagarjuna is spoken.

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